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नीली आंखों पर बच्ची के माता-पिता हुए फिदा, पर सच्चाई पता चलने पर लगा सदमा

अक्सर लोगों की आंखों का रंग या तो काला होता है, या गहरा भूरा। यह तो लाजमी है, पर अगर किसी बच्चे की आंखों का रंग नीला हो हर हो या फिर हेजल कलर हो तो आप उसको देखकर अक्सर हैरान हो जाते हैं। उसकी खूबसूरती आपको खींचने लगते हैं। ऐसे बच्चों को खूब कंप्लीमेंट मिलते हैं। 
 
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एक कपल के घर में एक प्यारी सी बच्ची ने जन्म लिया इसकी आंखें बिल्कुल नीले रंग की थी। इतनी सुंदर आंखें देखकर उसके माता-पिता अपनी बच्ची पर फिदा हो गए। लेकिन उसे समय वह उसकी पीछे की सच्चाई से वाकिफ नहीं थे।  

डेली स्टार रिपोर्ट की माने तो मां लुइस बाइस में बच्ची को जन्म दिया जन्म के समय बच्चे बहुत ही खूबसूरत नजर आ रही थी और इसकी आंखें काफी मंत्र मुग्ध थी। इस परिवार में किसी भी सदस्य की आंखें नीले रंग के नहीं थी। ऐसे में बच्ची के मां-बाप काफी हैरान हो गए थे और सोच में पड़ गए थे कि, आखिर इस बच्ची की आंखें किस पर गई है। अस्पताल में या फिर घर के बाहर सात आठ लोग तारीफ किए बिना वहां से नहीं गुजरते थे। 

नीले रंग की आंखों के पीछे का खौफनाक सच क्या है

6 महीने तक माता-पिता को इसके पीछे का खौफनाक कारण नहीं पता चला। लोग खूब इस बच्चे की आंखें देखकर कमेंट करते रहे और एक्स्ट्रा अटेंशन देते रहे। जैसे-जैसे उसकी आंखों पर रोशनी पड़ रही थी यह लड़की सीखने लगती थी। इन सब से घबराकर जब लुइस और उसके पार्टनर ने अपनी बच्ची को डॉक्टर को दिखाया, तो उन्हें पता चला की बच्ची की आंखों में बिलैटरल कॉग्निटकल ग्लूकोमा नामक एक बीमारी जन्म ले चुकी है। जिसकी वजह से ऑप्टिक नर्व पर उसको बहुत ज्यादा प्रेशर पड़ता है। उसे रोशनी बर्दाश्त की नहीं जाती। इसके लिए उन्हें तुरंत सर्जरी करवाने की जरूरत है।

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बच्ची के माता-पिता पहुंचे सदमे में

लुइस और उसके पार्टनर का कहना था कि, उन्होंने अपनी बच्ची की सर्जरी तो कराई लेकिन उसके कोई भी सकारात्मक रिजल्ट उन्हें नहीं मिले। जिसके चलते एक बड़ी सर्जरी दोबारा की गई। लेकिन उसका फॉलो अप टेस्ट अभी तक नहीं हुआ है। बच्ची की आंखों में केवल 5 फीसदी ही रोशनी ही बची है। दोनो का कहना है कि अगर उन्हें पहले से इस बीमारी का पता होता तो वह अपनी बच्ची को इलाज के लिए पहले ही ले जाते। यह उनके लिए एक वार्निंग जैसा है जब लोगों ने इसको बहुत ज्यादा कंप्लीमेंट दिए तो हमें पहले ही सोच लेना चाहिए था कि, आखिर ऐसा क्या अलग है जो सब बच्चों में नहीं है।

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