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इस एयरपोर्ट के सामने जेवर एयरपोर्ट कुछ भी नहीं, अब बनेगा देश का सबसे बड़ा Airport, 25000 एकड़ जमीन अधिग्रहण का काम शुरू

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इस एयरपोर्ट के सामने जेवर एयरपोर्ट कुछ भी नहीं, अब बनेगा देश का सबसे बड़ा Airport, 25000 एकड़ जमीन अधिग्रहण का काम शुरू

मध्य प्रदेश अपने विकास पथ पर आगे बढ़ते हुए भारत का सबसे बड़ा हवाई अड्डा बनाने की योजना बना रहा है। अगर सब कुछ योजना के मुताबिक रहा तो यह विशाल बेस इंदौर के पास बनाया जाएगा, जो क्षेत्रफल की दृष्टि से भोपाल और इंदौर के बीच स्थित होगा। देवास-सोनकच्छ और छपारा के बीच एयरपोर्ट के लिए जमीन तय हो गई है और उद्योग विभाग ने इसके लिए करीब 25 हजार एकड़ जमीन मांगी है.

यह जमीन भोपाल-इंदौर रोड, भोपाल-जयपुर रोड, शाजापुर- देवास रोड और नरसिंहगढ़ को जोड़ेगी, जिससे लोगों को इस एयरपोर्ट तक आसानी से पहुंचने में कोई दिक्कत नहीं होगी.

कब बनेगा यह हवाई अड्डा ?

दरअसल मार्च 2022 में इसके लिए केंद्रीय मंत्री ने स्वीकृति दी थी। जिसके बाद मप्र इंडस्ट्री डेवलपमेंट कॉरपोरेशन ने जमीन की योजना को लेकर शासन को प्रस्ताव दिया। अब एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया ने तकनीकी स्वीकृति दे दी है। एयरपोर्ट अथॉरिटी कई पैमानों पर जमीन को परखा और और उसके बाद ही यह निर्णय लिया।

इस प्रोजेक्ट पर मप्र इंडस्ट्री डेवलपमेंट कॉरपोरेशन की एक अलग टीम काम कर रही है। औद्योगिक निवेश एवं नीति प्रोत्साहन मंत्री राजवर्धन सिंह दत्तीगांव और प्रमुख सचिव संजय शुक्ल इस संबंध में एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया के चेयरमैन संजीव कुमार से चर्चा कर चुके हैं।

इसके लिए जमीन देवास-सोनकच्छ और छपारा के बीच तय की गई है। उद्योग विभाग ने प्रोजेक्ट के लिए करीब 25 हजार एकड़ जमीन मांगी है. यह जमीन भोपाल-इंदौर रोड, भोपाल-जयपुर रोड, शाजापुर-देवास रोड और नरसिंहगढ़ को जोड़ेगी।

उद्योग विभाग ने जमीन इसलिए मांगी है क्योंकि उसका मानना है कि राज्य का 40 फीसदी उद्योग इंदौर, देवास, पीथमपुर में है और इसका स्वामित्व भी डीएमआईसी के पास है। सरकार अब इस क्षेत्र पर फोकस करेगी. इन क्षेत्रों में विकास अब इसी मैदान के आसपास होगा. यहीं पर लॉजिस्टिक्स हब बनाया जाएगा या उद्योग स्थापित किया जाएगा।

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मौसम पर विशेष नजर-

जानकारी के मुताबिक प्रशासन एयरपोर्ट बनाने के लिए जिन तथ्यों पर काम करेगा उसमें मौसम की अहम भूमिका होगी. भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण पूरे साल इंदौर, देवास और सोनकच्छ में मौसम की स्थिति पर नजर रखेगा। यहां जब तूफ़ान आते हैं, जब बारिश आती है. कुल मिलाकर यह देखने वाली बात होगी कि विमानों को किस तरह के मौसम से जूझना पड़ेगा।

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विशेष टीम कर रही है काम -

प्रोजेक्ट पर मप्र उद्योग विकास निगम की अलग टीम काम कर रही है। हवाईअड्डा न केवल यात्रियों और कार्गो पर ध्यान केंद्रित करेगा, बल्कि लॉजिस्टिक्स को भी बढ़ावा देगा। औद्योगिक निवेश एवं नीति प्रोत्साहन मंत्री राजवर्धन सिंह दत्तीगांव और प्रमुख सचिव संजय शुक्ला ने इस संबंध में एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया के चेयरमैन संजीव कुमार से चर्चा की है।